स्वास्थ्य

कोरोना वायरस की जंग में देश के इन 5 राज्‍यों ने बिगाड़े हालात!

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नई दिल्‍ली। देश में कोरोना के मामलों में अचानक तेजी देखी जा रही है। इस तरह की बढ़ोतरी का कारण महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गुजरात और तमिलनाडु की चिंताजनक स्थिति है। इन राज्यों या शहरों में कोरोना के मामले काफी तेजी से तो बढ़े ही हैं, साथ ही मौत के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इन जगहों पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग के लिए कोई खास रणनीति नहीं है। रिपोर्ट में बताया गया है कि गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कोरोना की दूसरी वेव है, जोकि काफी खतरनाक है। जबकि इन राज्यों में पहले से ही कोरोना के मामले काफी ज्यादा है।यहीं नहीं देश में कोरोना से मौत के आंकड़े के रेसियो मे भी काफी बदलाव आया है। 25 अप्रैल से 5 मई के बीच देश में कोरोना के कारण मौत की संख्या 10 लाख में 1.31 थी। वहीं, अब महाराष्ट्र और गुजरात दोनों में ही यह संख्या 5 के पार पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी इसपर चिंता जता चुके हैं। ये दोनों राज्य सर्विलांस, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और पॉजिटिव केस की रिपोर्टिंग में लापरवाही बरत रहे हैं, जिसके कारण ही मैनेजमेंट में देरी हो रही है और मौत की संख्या बढ़ती ही जा रही है। 11 मार्च को देश में कोरोना से पहली मौत दर्ज की गई थी। 31 मार्च तक मौत का यह आंकड़ा लगभग काबू में था। इस बीच, करीब 50 लोगों ने कोरोना के चलते जान गंवाई थी, लेकिन 31 मार्च के बाद हालात खराब होते चले गए।
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किस रफ्तार से कोरोना ले रहा है लोगों की जान

30 जनवरी से 31 मार्च तक 62 दिनों में देश में सिर्फ 50 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई थी 1 से 12 अप्रैल के बीच 12 दिनों में 266 लोगों की मौत हुई है वहीं, 13 से 22 अप्रैल के बीच 10 दिनों में 324 लोगों की जान कोरोना की वजह से गई है 23 से 30 अप्रैल के बीच महज 6 दिनों में 513 लोगों ने अपनी जान गंवाई वहीं, 1 से 6 मई के बीच 6 दिन में 547 लोगों की मौत हुई है जानकारों की मानें तो देश में कोरोना ने जो रफ्तार पकड़ी है। वो आने वाले दिनों में और भयावह हो सकते हैं।एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया की मानें तो जून-जुलाई में कोरोना अपने चरम पर होगा, जो बेहद ही भयावह स्थिति हो सकती है। इस बीच कोरोना ने न सिर्फ अपना रफ्तार को बढ़ाया है, बल्कि अपना रंग भी बदला है यानी कोरोना के लक्षण में भी बदलाव आया है। शुरुआती दौर में सिर्फ खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ को ही कोरोना का लक्षण माना जाता था, लेकिन अब इसमें और कई लक्षण जोड़े गए हैं।

कोरोना बदल रहा है लक्षण

कंपकंपी, ठंड लगना, शरीर में दर्द, गले में दर्द, सिर में दर्द, परफ्यूम की गंध के साथ-साथ खाने के स्वाद का पता न चलना भी कोरोना के लक्षणों में शामिल किया गया है। लहसुन जैसे खाने-पीने की चीजों का गंध पता न चलना भी कोरोना के लक्षणों में शामिल किया गया है। हालांकि ये अचानक होना चाहिए।बहरहाल, देश में पिछले 44 दिनों से लॉकडाउन है। देश के ज्यादातर लोग अपने-अपने घरों में है। बावजूद इसके कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है।जाहिर है, ये अदृश्य दुश्मन अभी लोगों को बख्शने वाला नहीं है। लिहाजा जरुरी है कि बेवजह कोई भी शख्स अपने घरों से बाहर न निकलें, अपने घरों में रहें। खुद भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार के साथ-साथ देश को भी सुरक्षित रखें।