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“धर्मान्तरण से राष्ट्रान्तरण” पर गोष्ठी सम्पन्न

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हिन्दू अपने बैलेट की शक्ति को पहचाने -आर्य रविदेव गुप्ता

धर्म परिवर्तन से राष्ट्र के प्रति निष्ठा बदल जाती है-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

गाजियाबाद। आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “धर्मान्तरण से राष्ट्रान्तरण” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल में परिषद का 246 वां वेबिनार था।

आर्य नेता रविदेव गुप्ता ने कहा कि एक व्यक्ति के धर्म परिवर्तन से एक विरोधी की संख्या बढ़ जाती है और उसकी सोच व विचारधारा बदल जाती है।वह अपने परिवार,पूर्वजों,इतिहास और राष्ट्रीयता से दूर हो जाता है। आज हिन्दू अपने बैलेट की शक्ति को पहचाने और संगठित मतदान करें।राष्ट्र की एकता अखंडता हिन्दू समाज के संगठन पर निर्भर करती है हिन्दू यदि कमजोर होगा तो राष्ट्र स्वत: कमजोर होगा।हम जिसे धर्मान्तरण कहते हैं वह मतांतरण होता है।
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केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि धर्म परिवर्तन से राष्ट्रीय सोच में परिवर्तन हो जाता है। उनकी निष्ठा अरब या रोम के प्रति हो जाती है।धर्म सार्वभौमिक होता है और राष्ट्रीयता एक देशीय है।आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रीयता की भावना भरे व आर्य हिन्दू जाति के इतिहास पर गर्व करना सिखाये।हिंदू संस्कृति प्राचीन व महान है सबके मंगल कल्याण की कामना करती है।धर्मान्तरण के विरुद्ध सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है।

मुख्य अतिथि अरुण आर्य व अध्यक्ष हर्षदेव शर्मा ने कहा कि युवाओं में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता की कमी के कारण धर्म परिवर्तन की घटनाएं हो रही हैं अपने वैदिक सिद्धान्तों की सही जानकारी देने से घटनाएं रुकेगी।
परिषद के प्रांतीय मंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि बेशक भारत के रहने वालों का डी एन ए एक हो लेकिन गौ पालक,रक्षक व गौ हत्यारे में अंतर होता है।

गायिका प्रवीना ठक्कर,जनक अरोड़ा,प्रतिभा कटारिया,बिंदु मदान,मर्दुल अग्रवाल,राजकुमार भंडारी,मधु खेड़ा,सुषमा गुगलानी, रवीन्द्र गुप्ता,नरेंद्र आर्य सुमन, वेदिका आर्या ने भजन प्रस्तुत किये।

हापुड़ से आनन्द प्रकाश आर्य, महेन्द्र भाई,सौरभ गुप्ता,डॉ रचना चावला,राजेश मेहंदीरत्ता,प्रेम सचदेवा,प्रकाश वीर शास्त्री,देवेन्द्र सचदेवा,देवेन्द्र गुप्ता,अमरनाथ बत्रा आदि उपस्थित थे।