नगर निगम

फैसला : गाजियाबाद के मकानों में चल रही सभी दुकानों से वसूला जाएगा टैक्स

IMG_20200103_195455

गाजियाबाद। घरों में दुकान करने वाले लोगों से भी अब टैक्स वसूला जाएगा। नगर निगम इन मकानों को मिक्स यूज प्रॉपर्टी की श्रेणी में रखेगा। इसके लिए सर्वे चल रहा है। इस तरह निगम के पास प्रत्येक दुकान का रिकॉर्ड रहेगा।

निगम अभी तीन श्रेणी में टैक्स वसूल रहा है। इनमें आवासीय, औद्योगिक और कमर्शियल श्रेणी हैं। पांचों जोन में आवासीय भवनों की संख्या 3,38,474 है। अनावासीय भवन 26,220 हैं। आवासीय भवनों में दुकानें चल रही हैं। जिन भवनों में दुकानें चल रही हैं उनकी अभी तक कोई श्रेणी नहीं थी। लेकिन घरों में दुकान चलाने वाले भवनों की अब पहचान होगी। इन मकानों को मिक्स यूज प्रॉपर्टी श्रेणी में रखा जाएगा। इस तरह सभी से टैक्स वसूल किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी मकान में चार दुकान चल रही हैं तो भवन स्वामी पर आवासीय और चार दुकान का टैक्स जोड़कर बिल भेजा जाएगा। अभी तक सभी दुकानों का टैक्स नहीं लग रहा था।
PicsArt_05-17-11.45.01

सर्वे का काम अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा :
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा का कहना है कि मिक्स यूज प्रॉपर्टी के लिए सर्वे चल रहा है। यह सर्वे अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। सर्वे के बाद पता चल पाएगा कि किस मकान में कितनी दुकानें हैं। इसका पता लगने के बाद नए सिरे से टैक्स बिल भेजे जाएंगे। डॉ. संजीव सिन्हा का कहना है कि प्रत्येक दुकान की जानकारी निगम के पास रहेगी। इससे निगम की आय में बढ़ोतरी होगी।

गृहकर के साथ कूड़ा कलेक्शन बिल भेजे जाएंगे :
अगले वित्त वर्ष से गृहकर के साथ ही कूड़ा कलेक्शन बिल भेजे जाएंगे। निगम ने इस बार कूड़ा का बिल वसूलने के लिए अलग से बिल भेजे हैं। अप्रैल में गृहकर के नए बिल जारी होंगे। उनके साथ ही कूड़ा कलेक्शन बिल भेजा जाएगा। पांच से दस फीसदी गृहकर बढ़ने की बात कही जा रही है।

वसुंधरा जोन में सबसे ज्यादा टैक्स वसूला

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कुल 134 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली अभी तक की गई है। वसुंधरा जोन में सबसे ज्यादा 55 करोड़ 10 लाख रुपये टैक्स के रूप में वसूले गए हैं। सिटी जोन में 23 करोड़ 14 लाख, विजय नगर जोन में 8 करोड़ 17 लाख, कवि नगर जोन में 28 करोड़ 65 लाख और मोहन नगर जोन में 18 करोड़ 72 लाख की वसूली हो गई है। उनका कहना था कि एक सप्ताह में यह आंकड़ा बढ़ जाएगा। पिछले साल 130 करोड़ 46 लाख रुपये टैक्स के रूप में वसूले गए थे।

पहले मकानों पर लागू था

शहर में 100 वार्ड हैं। गली के फ्रंट वाले मकानों में दुकानें होती हैं। गोविंदपुरम, संजय नगर, शास्त्री नगर, पटेल नगर, हरसांव, विजय नगर, प्रताप विहार, नंदग्राम आदि जगह पर आवासीय भवनों में दुकानें हैं। इन सभी से केवल हाउस टैक्स लिया जा रहा है, क्योंकि निर्माण के दौरान केवल मकान बताया गया था। बाद में मकान के एक हिस्से में दुकान बना दी गई। इस तरह से दुकानों पर टैक्स नहीं लग रहा था, मगर अब ऐसा नहीं होगा।

देहात के वार्ड भी दायरे में

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि अगले वित्त वर्ष से शहरी क्षेत्र के देहात के वार्ड भी टैक्स के दायरे में आएंगे। अप्रैल में लोगों के पास टैक्स के बिल भेजे जाएंगे। हालांकि, देहात क्षेत्र के पार्षद पहले ही निगम के फैसले का विरोध कर चुके हैं। बसपा पार्षद आनंद चौधरी का कहना है कि शहरी क्षेत्र के वार्ड में ज्यादा विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि देहात में कम काम हो रहे हैं। देहात के वार्ड में पार्क नहीं हैं। सड़कें बदहाल हैं। पानी की सही व्यवस्था नहीं है। ऐसे में टैक्स नहीं दिया जाएगा